सांसारिक दुःख का अर्थ
[ saanesaarik duahekh ]
सांसारिक दुःख उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- संसार की बाधा:"ईश्वर ही हमें भवबाधा से मुक्ति दिला सकते हैं"
पर्याय: भवबाधा, भव-बंधन, भव-बन्धन, सांसारिक दुख, अनात्मकदुःख, अनात्मकदुख
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- तब तुम्हें सांसारिक दुःख कमजोर नहीं कर पायेंगे।
- तब तुम्हें सांसारिक दुःख कमजोर नहीं कर पायेंगे।
- सांसारिक दुःख किसे नहीं है ?
- रास्ते में सांसारिक दुःख देखकर विचलन हुआ और सब कुछ बदल गया।
- जो सांसारिक सुख है वह स्वर्ग और जो सांसारिक दुःख है वह नरक है।
- सांसारिक दुःख देखकर विचलन : वसंत ऋतु में एक दिन सिद्धार्थ बगीचे की सैर पर निकले।
- इसके बाद आप दोनों ही ब्रह्मलोक में रहेंगे जहाँ सांसारिक दुःख भी नहीं झेलने पड़ेंगे . ”
- ' ' जो चेतनासम्पन्न होगा यानी कि बाबा कबीर के शब्दों में जो ‘ जागा ' होगा वह सांसारिक दुःख देख कर चिंतित रहेगा।
- पीयूष जी इसलिए कहा गया है “सुखदुखे समे कृत्वा मानोपमानो जयाजयो” यदि व्यक्ति समभाव में पहुँच जाए तो सांसारिक दुःख उसे कैसे विचलित कर सकते हैं .
- श्रद्धा विश्वासपूर्वक सच्चे हृदय से एक बार भी भगवान का नाम ले लोगे तो भवसागर से पार हो सकते हो , सांसारिक दुःख दरिद्रता का हटना तो साधारण बात है।